बीसीसीआई ने आईपीएल 2025 के लिए एक बड़ा बदलाव करते हुए कप्तानों के स्लो ओवर-रेट की वजह से मैच बैन को खत्म कर दिया है। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य स्लो ओवर-रेट कानून के तहत अधिक न्यायपूर्ण और सजा की व्यवस्था लाना है। अब इसे एक डिमेरिट पॉइंट्स सिस्टम में बदल दिया गया है। यह निर्णय बीसीसीआई मुख्यालय, मुंबई में आयोजित कप्तानों की बैठक में लिया गया।
डिमेरिट पॉइंट्स सिस्टम
नई व्यवस्था के तहत:
- लेवल 1 अपराध: इसमें 25-75% मैच फीस काटी जाएगी और कुछ डिमेरिट पॉइंट्स दिए जाएंगे, जो तीन साल तक वैध रहेंगे।
- लेवल 2 अपराध: अधिक गंभीर उल्लंघनों के लिए चार डिमेरिट पॉइंट्स दिए जाएंगे।
- चार डिमेरिट पॉइंट्स का अकारण परिपूर्ण होने पर, 100% मैच फीस जुर्माना या अधिक डिमेरिट पॉइंट्स का खतरा होगा।
- अत्यधिक मामलों में, डिमेरिट पॉइंट्स को भविष्य के मैच बैन में बदला जा सकता है।
नया डिमेरिट सिस्टम न केवल खिलाड़ियों, बल्कि फ्रेंचाइजी पर भी वित्तीय प्रभाव डाल सकता है, जो अब अपनी स्थिति को और मजबूत करने के लिए सतर्क रहेंगे। इस मामले में, हार्दिक पंड्या, जो कि पिछले सीजन के बैन से प्रभावित हैं, मुंबई इंडियंस के सीजन ओपनर में नहीं खेलेंगे। वहीं, ऋषभ पंत भी दिल्ली कैपिटल्स के लिए कप्तानी करते वक्त इसी समस्या का सामना कर चुके हैं।
अन्य प्रमुख बदलाव
इसके अलावा, बीसीसीआई ने गेंद पर सलाइवा के उपयोग प्रतिबंध को भी हटा दिया है, जो कोविड-19 महामारी के दौरान लगाया गया था। यह प्रतिबंध कप्तानों की बहुमत से मंजूरी मिलने के बाद समाप्त कर दिया गया है।
साथ ही, इम्पैक्ट प्लेयर नियम को 2027 तक बनाए रखने का निर्णय लिया गया है। यह नियम प्रतिस्थापन प्रणाली को और अधिक सहेजता है और आईपीएल गवर्निंग काउंसिल द्वारा इसे समीक्षा के लिए आगे भी रखा जाएगा।
ये बदलाव आईपीएल में खेल को और अधिक आकर्षक और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए किए गए हैं, जो खिलाड़ियों और प्रशंसकों दोनों के लिए एक नई दिशा प्रदान करते हैं।