DCGI क्या है और ये आपके लिए क्यों मायने रखता है

क्या आप जानते हैं कौन तय करता है कि कोई दवा या वैक्सीन बाजार में आएगी या नहीं? भारत में वही जिम्मेदारी DCGI (ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया) की होती है। DCGI दवाओं की सुरक्षा, प्रभावशीलता और गुणवत्ता की जांच के बाद ही मंज़ूरी देता है। अगर आप दवा लेने वाले हैं या स्वास्थ्य के बारे में पढ़ते-लिखते हैं, तो DCGI के फैसले सीधे आपके इलाज और दवा की उपलब्धता को प्रभावित करते हैं।

DCGI की मुख्य जिम्मेदारियाँ

सबसे पहले, DCGI नए दवाओं और वैक्सीन के अनुमोदन की प्रक्रिया देखता है। क्लिनिकल ट्रायल की मंज़ूरी, नैतिक समीक्षा, और ट्रायल रिपोर्टों का मूल्यांकन उसी के पास होता है। इसके अलावा, बाजार से दवा वापस बुलवाने (recall), लेबलिंग में बदलाव, और सुरक्षा चेतावनियाँ भी DCGI जारी करता है। फार्माकोविजिलेंस यानी दवा के साइड इफेक्ट्स की मॉनिटरिंग में भी DCGI की अहम भूमिका होती है।

एक और बात: DCGI केंद्रीय दवा नियंत्रक संगठन (CDSCO) के साथ काम करता है। इसलिए आधिकारिक सूचनाओं के लिए CDSCO की वेबसाइट और आधिकारिक नोटिस पढ़ना सबसे अच्छा तरीका है। खबरों में आने वाली अफवाहों पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक रिलीज़ चेक कर लें।

आप रोज़मर्रा में क्या देख सकते हैं और क्या करें

अगर किसी दवा के बारे में सुनते हैं कि DCGI ने मंज़ूरी दे दी या नयी चेतावनी जारी की—तो आप क्या कर सकते हैं? सबसे पहले अपने डॉक्टर से बात करें। दवा की स्कीम और खुराक सिर्फ़ डॉक्टर ही मरीज की हालत देखकर तय करते हैं। दूसरी बात, किसी दवा के साइड-इफेक्ट दिखाई दें तो उसे रिपोर्ट करें। भारत में फार्माकोविजिलेंस प्रोग्राम (PvPI) जैसी व्यवस्था है जहाँ ADR (adverse drug reaction) रिपोर्ट की जा सकती है।

तृतीय, दवा खरीदते वक्त बैच नंबर और एक्सपायरी डेट चेक करें। DCGI या CDSCO द्वारा जारी किए गए किसी भी रीकॉल या चेतावनी की जानकारी तुरंत देखें और स्टोर या फार्मेसी से संपर्क करें।

खबरों में 'आपातकालीन उपयोग की मंज़ूरी' (EUA) जैसा शब्द दिखे तो समझ लें कि ये अस्थायी मंज़ूरियाँ होती हैं जब बड़ा स्वास्थ्य खतरा हो। ऐसे मामलों में भी बाद में पूर्ण अनुमोदन की जरूरत पड़ती है—तो दवा की निगरानी जारी रहती है।

अंत में, अगर आप पत्रकार, छात्र या कोई सामान्य पाठक हैं और DCGI के फैसलों पर अपडेट चाहते हैं तो क्या करें? 'क्या चल रहा है भारत' जैसे भरोसेमंद न्यूज़ स्रोत, CDSCO की आधिकारिक साइट और सरकारी गज़ट नोटिफिकेशन पर नजर रखें। सोशल मीडिया पर भी आधिकारिक हैंडल्स को फॉलो करें ताकि अफवाहें और गलत जानकारी से बच सकें।

ये जानकारी सरल तरीके से DCGI का काम और आपके लिए उपयोगी कदम बताती है। कोई खास सवाल हो—जैसे क्लिनिकल ट्रायल कैसे होता है या मंज़ूरी का समय कितना लगता है—बताइए, मैं सीधे और साफ़ जवाब दूँगा।

DCGI ने दी नज़र सुधारने वाले आई ड्रॉप्स को मंजूरी, अगले महीने से होगी बिक्री शुरू

भारत के ड्रग कंट्रोलर जनरल (DCGI) ने एक नए आई ड्रॉप PresVu को मंजूरी दी है, जो पढ़ने के चश्मों पर निर्भरता कम करने के लिए बनाया गया है। इन आई ड्रॉप्स को मुंबई की Entod Pharmaceuticals ने विकसित किया है। PresVu खासकर प्रिस्बायोपिया के इलाज के लिए है, जो विशेषतः 40 साल से अधिक उम्र के लोगों में होती है। PresVu की बिक्री अक्टूबर के पहले सप्ताह से शुरू होगी।