पिस्टल शूटिंग — शुरुआती लिए सीधे और काम के सुझाव
क्या आप सोच रहे हैं पिस्टल शूटिंग कैसे शुरू करें? एक बात साफ है: यह कौशल ही नहीं, ध्यान और अनुशासन भी है। यहां सीधे, काम की बातें बताई हैं ताकि आप बिना फिजूल की बातें पढ़े पहले कदम उठा सकें।
पिस्टल शूटिंग के सामान्य रूपों में सबसे बड़े नाम हैं 10m एयर पिस्टल (एयर पिस्टल) और 25m स्पोर्ट/रैपिड-फायर पिस्टल। 10m एयर पिस्टल में 4.5mm (.177) पेलेट इस्तेमाल होते हैं और मैच अक्सर इलेक्ट्रॉनिक टार्गेट पर होते हैं। 25m इवेंट में सामान्यत: .22 LR जैसी छोटी गोलियों का उपयोग होता है। ओलिंपिक और ISSF जैसे टूर्नामेंट इन्हीं फॉर्मैट पर आधारित हैं।
शुरू करने के आसान कदम
1) सही क्लब चुनें: अपने शहर में NRAI (National Rifle Association of India) या राज्य स्तरीय किसी प्रमाणित रेंज/क्लब में संपर्क करें। शुरुआत प्रशिक्षित इंस्ट्रक्टर के साथ करें—यही सबसे सुरक्षित और तेज़ तरीका है सीखने का।
2) बेसिक गियर: एयर पिस्टल के लिए क्लासिक .177 पेलेट पिस्टल, स्टेबल ग्रिप, शूटिंग ग्लव और चश्मा पर्याप्त होते हैं। फायरआर्म रेंज पर कानों की सुरक्षा जरूरी है। क्लब से शुरू में उपकरण उधार मिल जाते हैं, इसलिए पहले खरीद की जल्दी मत करें।
3) नियम और सेफ्टी: हमेशा गन को लोडेड समझो। मुज़ल दिशा का ध्यान रखें, फिंगर ट्रिगर पर तभी रखें जब आप शूट करने को तैयार हों, और रेंज ऑफिसर के आदेश मानें। ये नियम हर सैकण्ड की सुरक्षा बढ़ाते हैं।
प्रैक्टिस टिप्स और कॉमन गलतियाँ
रूटीन बनाइए: रोज़ाना 20-30 मिनट की फोकस्ड प्रैक्टिस बेहतर है बजाय कि महीने में दो बार लंबा सत्र करने के।
ड्रिल्स जो असर देतें हैं: Dry-fire प्रैक्टिस (बिना गोली) रोज़ 10-15 मिनट—यह ट्रिगर कंट्रोल और स्टीडी पॉइंट सुधारता है। Slow-fire: 50 शॉट्स धीमी गति से, हर शॉट के बाद रिकॉर्ड करें। Breathing ड्रिल: निशाना आते ही गहरी साँस छोड़कर शॉट लें—रिलैक्स्ड ब्रीदिंग से स्टेबिलिटी बढ़ती है।
ग़लतियाँ जो अक्सर दिखती हैं: कड़ा ग्रिप जिससे शॉट फ्लिन्च होता है; जल्दी में ट्रिगर दबा देना; आर्म और शोल्डर की टेंशन; फॉलो-थ्रू नहीं रखना। इन पर छोटे-छोटे लक्ष्य बनाकर काम करें।
माइंडसेट भी मायने रखता है: हर शॉट की एक छोटी रूटीन रखिए—विज़ुअलाइज़ेशन, सांस, फोकस, शॉट। स्कोर को ध्यान में रखें लेकिन हर शॉट के बाद उसे भूलकर अगला शॉट पर ध्यान दें।
प्रतियोगिता का रास्ता: क्लब → राज्य प्रतियोगिता → नेशनल ट्रायल्स → इंटरनेशनल इवेंट। अगर आप सीरियस हैं तो कोच और नियमित रेंज टाइम जरूरी है।
अगर आप अभी शुरू कर रहे हैं तो पास के क्लब में एक ट्रायल सेशन बुक करें। छोटे-छोटे लक्ष्य और लगातार प्रैक्टिस से फर्क दिखने लगता है। इस टैग पेज पर पिस्टल शूटिंग से जुड़े लेख और अपडेट़ मिलते रहेंगे—नज़र बनाए रखें।
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मनु भाकर, भारत की पिस्टल प्रो, पेरिस ओलंपिक में महिला 25 मीटर पिस्टल फाइनल में चौथे स्थान पर रह गईं। 22 वर्षीय भाकर ने आठ महिलाओँ वाले फाइनल में 28 अंक बनाए और शूट-ऑफ में हंगरी की कांस्य पदक विजेता वेरोनिका मेजर से हार गईं। दक्षिण कोरिया की जिन यांग ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि फ्रांस की कैमिल जेद्रज़ेविस्की ने रजत पदक हासिल किया।