AGM की बड़ी तस्वीर: Jio IPO, रिटेल का विस्तार और AI को ‘कामधेनु’ बताने की रणनीति
48वीं वार्षिक आम बैठक में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वही किया जिसके लिए देश की सबसे बड़ी कंपनी जानी जाती है—पैमाने और इरादे, दोनों में एक कदम आगे। 44 लाख से ज्यादा शेयरधारकों की मौजूदगी में चेयरमैन और एमडी मुकेश अंबानी ने अगले दौर की प्राथमिकताओं पर साफ संदेश दिया: Jio IPO की टाइमलाइन, रिटेल का हर बाजार तक फैलाव, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को हर बिज़नेस में गहराई तक उतारना।
सबसे ज्यादा सुर्खियां Jio के लिए आए ऐलान ने बटोरीं—कंपनी ने टेलीकॉम यूनिट को सूचीबद्ध करने का लक्ष्य 2026 की पहली छमाही रखा है। देश के डिजिटल इकोसिस्टम को बदलने वाले इस प्लेटफॉर्म की लिस्टिंग, निवेशकों के लिए वैल्यू अनलॉक करने का बड़ा ट्रिगर मानी जा रही है। इसके साथ ही, कंपनी ने यह भी बताया कि 5G के मामले में Jio ने सबसे तेज़ रोलआउट किया और ग्राहक आधार 50 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया।
AI को अंबानी ने “हमारे समय की कामधेनु” कहा और साफ किया कि ऊर्जा, रिटेल, टेलीकॉम और एंटरटेनमेंट—हर वर्टिकल में AI अब सिर्फ सपोर्ट नहीं, कोर इंजन होगा। JioBrain जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए कंपनी उपभोक्ता और एंटरप्राइज—दोनों के लिए बड़े पैमाने पर AI सेवाएं बनाना चाहती है। घरेलू 5G स्टैक और JioAirFiber के विस्तार के साथ यह रणनीति मिलकर एकीकृत डिजिटल-टेक मॉडल की ओर इशारा करती है।
रिलायंस रिटेल ने अपनी रफ्तार और स्केल का नया नमूना सामने रखा—19,340 स्टोर्स और 1.4 बिलियन ट्रांजैक्शन। फूड-ग्रॉसरी में Independence, फैशन में Avaasa और इलेक्ट्रॉनिक्स में Kelvinator जैसे अपने ब्रांड्स के साथ कंपनी उच्च मार्जिन और कैटेगरी कंट्रोल पर फोकस बढ़ा रही है। यह प्लेबुक, ऑफलाइन-ऑनलाइन ओमnichannel मॉडल और सप्लाई-चेन के स्थानीयकरण के साथ मिलकर बाजार में पकड़ को और मजबूत करती है।
एंटरटेनमेंट बिज़नेस में कंपनी ने तेज़ उछाल दिखाया। FY25 में राजस्व 74.3% बढ़कर 20,696 करोड़ रुपये और EBITDA 139.6% उछलकर 1,833 करोड़ रुपये रहा। यह छलांग उस मीडिया संस्थान-निर्माण से भी जुड़ी है, जिसे कंपनी ने डिज़्नी के साथ साझेदारी में आकार दिया है। स्ट्रीमिंग, स्पोर्ट्स राइट्स और विज्ञापन-टेक के संगम पर खड़ा यह वर्टिकल अब ग्रोथ का अलग इंजन बनता दिख रहा है।
ऊर्जा के मोर्चे पर तस्वीर मिश्रित रही। ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) बिज़नेस ने वैश्विक मार्जिन दबाव के बावजूद घरेलू मांग और फीडस्टॉक फ्लेक्सिबिलिटी के सहारे स्थिरता दिखाई। वहीं ऑयल एंड गैस सेगमेंट ने रिकॉर्ड EBITDA दर्ज किया, जिसमें KG-D6 और CBM ब्लॉक्स से ऊंचे उत्पादन का बड़ा योगदान रहा। यह संकेत देता है कि पारंपरिक कारोबार अब भी कैश फ्लो का भरोसेमंद स्तंभ है, भले ही निवेश का अगला चक्र टेक और क्लीन एनर्जी की तरफ बढ़ रहा हो।
संख्याएँ, रणनीति और आगे का रोडमैप: EBITDA दोगुना, गिगा-फैक्ट्रीज और टैलेंट स्केल-अप
कंपनी ने 2027 के अंत तक EBITDA दोगुना करने का लक्ष्य रखा है—यह वही दिशा है जो पिछले कुछ सालों में रिटेल, डिजिटल और न्यू एनर्जी की तरफ कैपिटल अलोकेशन में दिखी। इस दृष्टि के साथ एक और संकेत आया—वर्कफोर्स का विस्तार। मौजूदा 6.8 लाख कर्मचारियों से बढ़कर कंपनी अगले कुछ सालों में 10 लाख से भी ऊपर जाने का अनुमान लगा रही है। यह केवल हायरिंग नहीं, स्किल-अपग्रेड का भी संकेत है—AI, डेटा, सप्लाई-चेन ऑटोमेशन और स्वच्छ ऊर्जा मैन्युफैक्चरिंग के लिए नए कौशल की मांग तेजी से बढ़ेगी।
क्लीन एनर्जी के मोर्चे पर कंपनी ने अपने न्यू एनर्जी प्लान का ठोस अपडेट दिया। सोलर और बैटरी गिगा-फैक्ट्रीज की इंजीनियरिंग पूरी हो चुकी है, 2025 में उपकरण डिलीवरी की उम्मीद है, और पहला गीगा-वॉट+ स्केल सोलर पीवी मॉड्यूल लाइन शुरू हो चुकी है। इसका मतलब है कि सोलर मैन्युफैक्चरिंग अब पायलट से बाहर निकलकर स्केल पर पहुंच रही है। ऊर्जा स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन और सप्लाई-चेन लोकलाइजेशन—ये सब अगले दो-तीन साल में लागत घटाने और डोमेस्टिक वैल्यू-एड बढ़ाने में अहम रहेंगे।
टेलीकॉम में फोकस अब कवरेज से ज्यादा मोनेटाइज़ेशन की तरफ शिफ्ट दिखाता है। 5G-एज कंप्यूटिंग, AI-एज-ए-सर्विस, और एंटरप्राइज सॉल्यूशन्स—ये वे पॉकेट्स हैं जहां JioBrain जैसा प्लेटफॉर्म नई मांग खड़ी कर सकता है। होम ब्रॉडबैंड को JioAirFiber के साथ पुश करना भी उसी रणनीति का हिस्सा है—कंटेंट, कनेक्टिविटी और कॉमर्स को एक बंडल में समेटना, ताकि यूजर वैल्यू और वॉलेट-शेयर दोनों बढ़ें।
रिटेल में अपनी ब्रांडिंग और सप्लाई-चेन पकड़ के साथ कंपनी का लक्ष्य स्पष्ट है—डेप्थ और डेन्सिटी। डेप्थ यानी कैटेगरी में अपनी ब्रांड की हिस्सेदारी बढ़ाना; डेन्सिटी यानी नए शहरों-टाउन्स में तेज़ विस्तार। 19,340 स्टोर्स का प्लेटफॉर्म और 1.4 बिलियन ट्रांजैक्शन का वॉल्यूम, डेटा-ड्रिवन मर्चेंडाइजिंग और हाई-फ्रीक्वेंसी कैटेगरी में रिपीट खरीद के लिए मजबूत आधार बनाता है।
मीडिया और एंटरटेनमेंट में डिज़्नी पार्टनरशिप के बाद फोकस इंटिग्रेशन और स्केल पर रहेगा—खासकर स्पोर्ट्स स्ट्रीमिंग, कंटेंट लाइसेंसिंग और एड-टेक इंप्रूवमेंट्स पर। FY25 की तेज़ रफ्तार बताती है कि इस वर्टिकल में नेटवर्क इफेक्ट्स काम कर रहे हैं—कॉन्टेंट पाइपलाइन और डिस्ट्रीब्यूशन साथ आते ही विज्ञापन और सब्सक्रिप्शन दोनों में उछाल संभव होता है।
निवेशक पक्ष पर, Jio की लिस्टिंग टाइमलाइन ने स्पष्टता दी है। आम तौर पर ऐसी लिस्टिंग वैल्यू डिस्कवरी और कैपिटल-राइजिंग दोनों के लिए स्पेस खोलती है। साथ ही, बाजार की नजरें अब तीन मोर्चों पर रहेंगी—(1) टेलीकॉम में 5G/AI से रेवेन्यू अप-लिफ्ट, (2) रिटेल में अपने ब्रांड्स और ओमnichannel का मार्जिन इम्पैक्ट, और (3) न्यू एनर्जी में गिगा-फैक्ट्रीज की कमर्शियल रन-रेट।
जोखिम भी कम नहीं हैं—वैश्विक पेट्रो-केम मार्जिन साइकिल, टेक और क्लीन एनर्जी में भारी कैपेक्स, और टेलीकॉम-रिटेल में तीखी प्रतिस्पर्धा। रेगुलेटरी अपडेट्स और स्पेक्ट्रम/डेटा-पॉलिसी जैसे फैक्टर भी परिणामों को प्रभावित कर सकते हैं। इसके बावजूद, कंपनी का संदेश साफ है: पारंपरिक ऊर्जा की स्थिर नकदी से डिजिटल, मीडिया और क्लीन एनर्जी के हाई-ग्रोथ इंजनों को फ्यूल देना ही अगला अध्याय है।
AGM से निकलते हुए कुछ ठोस माइलस्टोन सामने दिखते हैं—Jio का ड्राफ्ट पेपर्स और लिस्टिंग तैयारी, न्यू एनर्जी फैक्ट्रियों के उपकरणों की 2025 में आवक और रैंप-अप, JioAirFiber का विस्तार, और मीडिया-डिजिटल एसेट्स का इंटिग्रेशन। 44 लाख शेयरधारकों की नज़र इसी रोडमैप पर टिके रहने वाली है—कैलेंडर पर डेडलाइन्स साफ हैं, अब डिलीवरी की बारी है।
- Jio IPO: लक्ष्य—H1 2026
- रिलायंस रिटेल: 19,340 स्टोर्स, 1.4 बिलियन ट्रांजैक्शन
- मीडिया-एंटरटेनमेंट FY25: राजस्व 20,696 करोड़ रुपये (+74.3%), EBITDA 1,833 करोड़ रुपये (+139.6%)
- टेलीकॉम: सबसे तेज़ 5G रोलआउट, 50 करोड़+ ग्राहक
- वर्कफोर्स: 6.8 लाख से 10 लाख+ की ओर
- लक्ष्य: 2027 के अंत तक EBITDA दोगुना
- न्यू एनर्जी: सोलर/बैटरी गिगा-फैक्ट्रीज, GW+ मॉड्यूल लाइन शुरू