भारत रेल सुरक्षा: यात्रियों के लिए जरूरी टिप्स
रेल यात्रा मज़ेदार और तेज़ है, पर सुरक्षा को हल्का लेना महंगा पड़ सकता है। यहाँ सीधे-सादे, काम के सुझाव हैं जो हर यात्री आज ही अपनाया कर सकता है — स्टेशन से लेकर स्टेशन तक।
स्टेशन और प्लेटफ़ॉर्म पर सुरक्षा
प्लेटफ़ॉर्म पर हमेशा पीली या सुरक्षा लाइन के पीछे खड़े रहें। ट्रेन आने पर धक्का-मुक्की न करें; अपने बैग को सामने रखें ताकि किसी की जेब तोड़ी ना जा सके।
बच्चों और बुज़ुर्गों का हाथ पकड़े रखें, खासकर भीड़ में और सीढ़ियाँ चढ़ते-उतरते समय। फुटओवरब्रिज या अंडरपास का इस्तेमाल करें, पटरियों पर चलना कभी भी सुरक्षित नहीं होता — यह अपराध भी है और ख़तरे से भरा।
लेवल क्रॉसिंग पर रुकें और संकेतों का पालन करें। अगर किसी क्रॉसिंग पर गेट बंद है तो धैर्य रखें; गेट काटने या पार करने की कोशिश जानलेवा हो सकती है।
स्टेशन पर संदिग्ध वस्तु या असामान्य गतिविधि दिखे तो तुरंत स्टेशन अधिकारी, आरपीएफ या हेल्पलाइन 139 पर सूचित करें।
ट्रेन में यात्रा करते समय ध्यान रखें
उठते-बैठते समय हाथ रेलिंग पकड़ें और खिड़की या दरवाज़े से सिर/हाथ बाहर न निकालें। भीड़ वाले समय में खड़े होकर यात्रा करते वक्त बैग को सामने रखें और ज़रूरी कागजात पास रखें।
स्लीपर या कोच में चढ़ते समय प्लेटफ़ॉर्म और कोच के बीच के गैप पर ध्यान दें। सामान को अत्यधिक भारी न रखें—अगर जरूरत हो तो सहयात्रियों से मदद लें।
ट्रेन के इमरजेंसी ब्रेक को सिर्फ असल आपातकाल में ही इस्तेमाल करें। झूठा इमरजेंसी ब्रेक लगाना दंडनीय है और सारे यात्रियों के लिए समस्या बनता है।
रात में यात्रा कर रहे हों तो अपनी सीट के पास चीज़ें बंद रखें और अनजान व्यक्ति द्वारा दी गई चीज़ें स्वीकार करने से पहले सावधान रहें। अकेली महिला यात्रियों के लिए आरपीएफ या TTE से मदद लेना सुरक्षित रहेगा।
भारत सरकार और भारतीय रेलवे सुरक्षा के कई कदम उठा रहे हैं — जैसे KAVACH (ट्रेन टकराव से बचाने वाली प्रणाली), सीसीटीवी कैमरे, प्लेटफ़ॉर्म सुरक्षा बढ़ाना और लेवल क्रॉसिंग हटाना। पर असल सुरक्षा आपकी जागरूकता से आती है।
अगर आप किसी आपात स्थिति में हैं तो नज़दीकी रेलवे स्टाफ, TTE या आरपीएफ से संपर्क करें। सामान्य जानकारी और शिकायत के लिए 139 का उपयोग करें और गंभीर आपातकाल में देशव्यापी नंबर 112 भी कॉल कर सकते हैं।
छोटी आदतें बड़ा फर्क डालती हैं: टिकट और पहचान की फोटो कॉपी साथ रखें, बच्चों को पहचान पत्र दें, और हमेशा अपनी यात्रा की जानकारी परिवार को साझा करें। इन सरल उपायों से आपकी यात्रा सुरक्षित और तनावमुक्त रहेगी।
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झारखंड के बाराबांबू के पास हाल ही में हुए हावड़ा-मुंबई मेल दुर्घटना में दो की मौत और 20 से अधिक घायल हो गए, जिससे भारत में रेलवे सुरक्षा की चिंताओं पर जोर दिया गया है। पिछले छह हफ्तों में तीन बड़ी दुर्घटनाएं हुई हैं। इन हादसों के पीछे सिग्नलिंग गड़बड़ी या ट्रैक सुरक्षा की समस्याएं प्रमुख कारण मानी जा रही हैं। इनके बावजूद, रेलवे सुरक्षा में सुधार की गति काफी धीमी है।