हाउसिंग स्कीम घोटाला — पहचानें और बचें
क्या आपने भी किसी मंझे हुए ऑफर, सस्ते रेट या "गारंटीड एलॉटमेंट" वाली हाउसिंग स्कीम वाली कॉल पाई है? अब ऐसे कई तरीके के घोटाले सामने आते हैं — सरकारी दिखने वाली फर्जी योजनाएं, बिल्डर के अधूरे प्रोजेक्ट या नकली दस्तावेज। छोटे-छोटे संकेत पहचानना सीख लें, वरना हजारों-लाखों का नुकसान हो सकता है।
घोटाले के आम संकेत क्या हैं?
इन सवालों से शुरुआत करें — विक्रेता बहुत जल्दी भुगतान मांग रहा है? दस्तावेज़ सिर्फ फोटो या WhatsApp पर भेजे जा रहे हैं? प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन, RERA या सरकारी मंजूरी नहीं दिख रही? अगर हाँ, तो सतर्क हो जाएं। नीचे आम लाल झंडे दिए हैं:
- बहुत कम कीमत पर "सीमित समय" का दबाव बनाना।
- नकद भुगतान की जोरदार रिक्वेस्ट और कोई रसीद न देना।
- प्रोजेक्ट की साइट पर पहुँचने पर वास्तविक निर्माण न होना या साइट बदल जाना।
- दस्तावेज़ों में अस्पष्ट तारीखें, नामों का मेल न होना या संक्षिप्त समझौते।
क्या करें — तुरंत कदम
पहले ठहरिए और जांच कीजिए। सबसे जल्दी क्या करना चाहिए — डॉक्यूमेंट एकत्र करें, भुगतान के सबूत इकट्ठा रखें और निम्न कदम उठाएँ:
1) दस्तावेज़ जांचें: RERA सर्टिफिकेट, मंजूरी (एनओसी/आवंटन), साइट प्लान, बिल्डिंग लाइसेंस, फ्लैट का टाइटल। RERA पर प्रोजेक्ट और बिल्डर का नाम मिल रहा है या नहीं — यह सबसे तेज सत्यापन है।
2) बैंक रिकॉर्ड रखें: NEFT/RTGS/चेक की कॉपी, रसीद, SMS और ईमेल। नकद देकर कागजात न दें।
3) साइट विजिट और पड़ोसी से पूछताछ: प्रोजेक्ट जमीन पर मौजूद है या नहीं, अन्य खरीदार क्या कहते हैं, आसपास के स्थानीय लोगों से सत्यता जाँचे।
4) कानून और शिकायत रास्ते: RERA में शिकायत डालें अगर प्रोजेक्ट रजिस्टर्ड है; नहीं तो उपभोक्ता फोरम में शिकायत, नज़दीकी पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी (FIR) दर्ज कराएँ। बैंक लोन में गड़बड़ी हो तो बैंक की ग्रिवेंस सेल और RBI के पास शिकायत करें।
5) वकील से सलाह लें: दस्तावेज़ों की औपचारिक जांच व अगला कानूनी कदम तय करने में वकील मदद करेगा। छोटे मामलों के लिए कंज्यूमर कोर्ट तेज और सस्ता विकल्प है।
थोड़ा ध्यान और सही जांच अक्सर निवेश बचा देता है। रजिस्ट्रेशन, रसीद, रियल साइट विजिट और बैंक-ट्रांसफर ही तीन ऐसी चीजें हैं जो आपको फर्जीवाड़े से बचा सकती हैं। नीचे एक छोटा-सा चेकलिस्ट रखें और हर कदम पर इसकी पुष्टि करें:
चेकलिस्ट: RERA नंबर, जमीन का टाइटल, निर्माण फैज़, भुगतान की बैंक रसीद, लिखित समझौता, साइट विजिट।
अगर शक है तो तुरंत कदम उठाएँ — देरी करना नुकसान बढ़ा देता है। सवाल हो तो बताइए, मैं दिशा बताऊँगा कि कहाँ शिकायत दर्ज करें और कौन-कौन से दस्तावेज़ सबसे महत्वपूर्ण हैं।
पूर्व आईएसआई चीफ फ़ैज़ हमीद की गिरफ्तारी से जुड़ा रहस्य: हाउसिंग स्कीम घोटाले का पर्दाफाश
पूर्व पाकिस्तान आईएसआई चीफ फ़ैज़ हमीद को हाउसिंग स्कीम घोटाले के आरोपों के तहत गिरफ्तार किया गया है। यह पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार है कि आईएसआई के पूर्व प्रमुख पर कोर्ट-मार्शल कार्रवाई की जा रही है। इस घोटाले में वह और उनका भाई एक निजी हाउसिंग प्रोजेक्ट के मालिक को बंधक बनाकर निजी फायदे के लिए उस पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे।