शेयर बाजार विश्लेषण: निफ्टी और सेंसेक्स के लिए सरल गाइड

एक खबर से बाजार पलट सकता है — जैसे ट्रम्प के टैरिफ के एलान के बाद सेंसेक्स 586 अंक और निफ्टी 203 अंक गिर गया। ऐसे क्षणों में समझदारी से काम लें। यहाँ सीधे, व्यवहारिक तरीके बताए जा रहे हैं ताकि आप तेज फैसले और लंबी योजनाएँ दोनों बेहतर कर सकें।

क्या देखना चाहिए: बेसिक फैक्टर्स

सबसे पहले तीन चीज़ें हमेशा चेक करें: कंपनी की कमाई (earnings), मैक्रो‑इकनॉमी (दरें, मुद्रास्फीति, एफओरेक्स) और सेक्टर ट्रेंड। Quarterly results और P/E, ROE जैसे बेसिक रेशियो आपको कंपनी की असली तस्वीर बताएंगे। कभी भी सिर्फ खबर पढ़ कर खरीदना या बेचना मत करिए — खबर का असर कितना टिकेगा, यह समझें। उदाहरण के लिए, टैरिफ की खबर से शुरुआती तेजी के बाद बाजार गिरा — मतलब शॉर्ट‑टर्म पैनिक की संभावना रहती है।

डिपॉजिटरी और खाते की बात भी जरूरी है। NSDL और CDSL में से कौन सा बेहतर है यह आपके ब्रोकरेज और सुविधा पर निर्भर करता है। अगर आप डिजिटल सुविधाओं के साथ सहज हैं तो CDSL छोटे निवेशकों में लोकप्रिय रहता है, जबकि बड़े निवेशक NSDL में रहते हैं।

टेक्निकल संकेत और ट्रेडिंग नियम

टेक्निकल इंडिकेटर्स से आप एंट्री और एग्ज़िट प्लान बना सकते हैं। 50 और 200‑डे मूविंग एवरेज ट्रेंड बताती है; RSI से ओवरबॉट/ओवरसोल्ड की जानकारी मिलती है; वॉल्यूम से पुष्टि लें। सपोर्ट और रेसिस्टेंस स्तरों पर छोटे स्टॉप‑लॉस रखें। स्विंग ट्रेड कर रहे हैं तो 3–5 दिन का प्लान रखें; इंट्रा‑डे में स्पीड और वॉल्यूम ज्यादा मायने रखते हैं।

न्यूज़ से तुरंत असर पड़ता है, पर हर खबर का असर समान नहीं होता। नीति‑बदलाव, टैरिफ, या बड़ी कंपनी की कमाई बाजार को बहुतेरी दिशा दे सकती है। ऐसी खबरें पढ़ कर पहले पोजीशन साइज कम रखें और रोकथाम के लिए स्टॉप‑लॉस सेट करें।

रिस्क मैनेजमेंट न तय करना सबसे बड़ी गलती है। कुल पूंजी का 1–3% प्रति ट्रेड रिस्क रखें। डाइवर्सिफाइ करें—सिर्फ एक सेक्टर में सारे पैसे न रखें। F&O में प्रवेश करने से पहले समझ लें कि लीवरेज लाभ के साथ नुकसान भी बढ़ाता है।

व्यवहारिक टूल्स: NSE/BSE की साइट, शेयर‑स्क्रीनर, कॉरपोरेट ईवेंट कैलेंडर, और रियल‑टाइम न्यूज अलर्ट रखें। ब्रोकरेज ऐप में ऑर्डर‑बुक और लिमिट/स्टॉप‑लॉस सेट करना सीखें।

रुचि रखें तो छोटी चेकलिस्ट बना लें: (1) कंपनी के Q‑results, (2) सेक्टर न्यूज़, (3) टेक्निकल स्तर, (4) वॉल्यूम कन्फर्मेशन, (5) स्टॉप‑लॉस और पोजीशन साइज। हर ट्रेड के बाद नोट्स रखें—क्या सही हुआ, क्या नहीं—यह आपकी सबसे बड़ी सीख बनेगी।

बाजार में धैर्य और नियम महत्वपूर्ण हैं। छोटी अच्छी आदतें—न्यूज़ चेक, स्टॉप‑लॉस सेट, पोजीशन साइज कंट्रोल—लंबे समय में बड़ा फर्क लाती हैं। अगर आप चाहें तो हम आपके लिए बाजार के प्रमुख संकेतों पर नियमित नोट्स भी दे सकते हैं।

भारतीय इक्विटी सूचकांक में गिरावट; निफ्टी 24,500 से नीचे, सेंसेक्स में 931 अंकों की गिरावट

भारतीय इक्विटी सूचकांक 22 अक्टूबर, 2024 को कमजोरी के साथ बंद हुए, जहां निफ्टी 24,500 से नीचे और सेंसेक्स 931 अंक गिरा। हालांकि, बाद में सुधार हुआ और सेंसेक्स 73.48 अंक घाटे के साथ 81,151.27 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 112.50 अंक गिरकर 24,741.50 पर बंद हुआ। बाजार-ओपनिंग के बाद अमेरिकी डॉलर अपनी उच्चता पर रहा और सोने में उछाल देखा गया। ऑटो सेक्टर में हीलिंग दिखी, जबकि बाकी सभी सेक्टरों में गिरावट आयी।